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Khamoshi
मौन तुमको जो कहना है, कह डालो में तो अब बस मौन रहूँगी पाया जो जीवन से सुख-दुख उसको में बस मौन सहूँगी. केवल शिकवा नहीं तुम्ही से सब अपने अपने है यहाँ पराए मेरे शब्दों के सबने ही अपने - अपने अर्थ लगाए. अर्थों की इस भीड़ भाड़ मे शब्द हो ग्ये मौन कहूँगी तुमको जो कहना है कह डालो में तो अब बस मौन रहूँगी. मुझे तुमसे मिला बहुत कुछ वो मेरा पातये रहेगा. मेइने दुख पुहुँचाया तुमको इसका मुझको खेद रहेगा खट्टी मीठी यादें लेकर में तो अब बस मौन चलूंगी. तुमको जो कहना है कह डालो में तो अब बस मौन रहूँगी. इस चुप्पी के भी अर्थ लगेंगे इसमे ऐसा क्या न्या है पर तुम ये भी तो सोचो हर जाने वाला मौन ग्या है में भी नीरव प्त सही मौन कहूँगी, मौन रहूँगी. तुमको जो कहना है, कह डालो में तो अब बस मौन रहूँगी.
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